नमस्कार दोस्तों,आप कैसे हैं,? आशा है कि आप अच्छे से होंगे। मैं आपके समक्ष नये-नये विषयों पर और रुचिकर आर्टीकल पेश करते रहता हूँ, जिसको पढ़ने से आपके मन को शाँति मिलती होगी।आज फिर से हम अपने जीवन से जुड़ी कुछ वास्तविक बातों पर चर्चा करने जा रहे हैं,जो कि आपको पसंद आएगी। सीखने का नजरिया मुझे इतना तो अनुभव है कि पाठशाला से मनुष्य वास्तव में अधूरे से भी कम ज्ञान प्राप्त कर पाता है और अपने जीवन में उससे कहीं अधिक बन भी जाता है। वहाँ पर वह केवल किताबी ज्ञान और उपदेशों को सुनकर उन्हें कंठस्थ तो कर सकता है परन्तु उनको क्रियात्मक रुप वह अपने दैनिक जीवन में ही दे सकता है। वास्तव में हम जो कुछ सीखते हैं वह किसी पाठशाला से नहीं वरन अपने जीवन की पाठशाला से ही हम 'सीखने' शब्द का सही अर्थ ले सकते हैं। शिक्षा पाने के लिए जब हम अपने चारों ओर दृष्टि डालते हैं तो हमें मालूम होता है कि हमारा एक - एक दृष्टि हमें सिखाता है, सीखने का अवसर देता है। सूर्य का उदय होना, पक्षियों का कलरव, पृथ्वी का इतने प्राणियों का बोझ उठाना यह सब सीख नहीं है तो और क्या है। दुनिया एक शिक्षक है दोस्तों हम ...